निबन्ध


निबन्ध का शाब्दिक अर्थ है - अच्छी प्रकार बँधा हुआ। अतः निबन्ध वह रचना है जिसमे किसी निश्चित विषय पर क्रमबद्ध सुगठित और सुविचारित ढग से लिखा गे हो। 

निबन्ध लेखन एक कला है जो निरंतर अभ्यास से निखरती है। विद्यार्थियों से मौलिक अभिव्यक्ति के अंतर्गत वणनात्मक, विचारात्मक एवं समसामयिक विषय पर निबन्ध लेखन की अपेक्षा की जाती है।

उत्तम  निबन्ध कैसे लिखे 

अच्छे निबन्ध लिखने में सहायक सुझाव यहाँ दिए जा रहे है, उनपर गंभीरता से मनन कीजिये। 

(1 )  आरम्भ में सरल विषयो का चुनाव करना चाहिए। वर्णात्मक विषय अपेक्षाकृत सरल होते है। 

(२) चुने हुए निबन्ध पर निबन्ध लेखकों के निबन्धों को ध्यान से पड़ना चाहिए। 

(3) विषय से सम्बंधित सामग्री एकत्र करके निबन्ध की रूपरेखा बनानी चाहिए। 

(4 ) विस्तार के लोभ से बचते हुए, एक सुगठित, क्रमवद्ध और विषय पर केंद्रित निबन्ध लिखने का प्रयास करना चाहिए। 

(5) पत्र पत्रिकाओं और पुस्तकों से नये विचारो, सूक्तियों, और उदाहरदो का संग्रह करके उन्हें विषयनुसार वर्गीकृत कर लेना चाहिए और यथास्थान निबन्धों में उनका प्रयोग करना चाहिए। 


निबन्ध


मेरे सपनो का भारत ( भारत का भविष्या )

देशप्रेम 

राष्ट्रीय एकता और अखण्डता ( राष्ट्रीय एकता और छात्र )

आतकवाद की समस्या ( भारत में आतकवाद )

बेरोजगारी: समस्या और समाधान 

महँगाई : समस्या और समाधान 

आरक्षण की समस्या 

दहेज़ समस्या ( नारी को निगलना दहेज़ दानव )

प्रदूषण की समस्या (  पर्यावरण संरक्षण )

मादक द्रव्य : मौत के द्वार ( युवा वर्ग का शत्रु : नशा )

राष्ट्रीय निर्माण में युवावर्ग का योगदान ( युवा ! तुम्ही भारत की आशा )

मेरा भारत महान 

मेरा आदर्श महापुरुष 

मेरा प्रिय कवी ( गोस्वामी तुलसीदास )

मेरी प्रिय पुस्तक ( रामचरितमानस )

भारत की वैज्ञानिक प्रगति 

मानव का सेवक विज्ञान ( वैज्ञानिक अविष्कार )

विज्ञान : वरदान या आविषाप (विज्ञान के गुड व दोष )

दूरदर्शन का प्रभाव 

अंतिम युग में भारत के बढ़ते चरण 

यदि मै परीक्षक होता 

यदि मै विधायक होता 

यदि मै अध्यापक होता 

एक भीषण घटना ( एक अविस्मणीय घटना )

चुनाव का  दृश्य 

क्रिकेट मैच जो मैंने देखा 

किसी रोचक यात्रा का वर्णन ( मेरी स्मरणीय यात्रा )

छात्रों में बढ़ती अनुशासनहीनता ( विद्यार्थी और अनुशासन )

समाचार पत्र 

बाढ़ का दृश्य 

मेले का दृश्य ( एक मेला जो मैंने देखा )

वर्षा-ऋतु 

कंप्यूटर 

चाँदनी रात में नौकाविहार 

यदि मै किसान होता 

ग्राम्य जीवन और नगर जीवन

स्वतन्त्रता  दिवस 

व्यायाम के लाभ 

परहित सरिस धर्म नहीं भाई  ( वही मनुष्या है कि जो मनुष्या के लिए मरे )

शिछक दिवस 

अध्ययन से लाभ 

मित्रता का महत्त्व 

आजायबघर या संग्रहालय की सैर 

Published by Kaushlendra Kumar 

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